सूरज ज्योति का है आगार उजियारे का सौम्य नगर। किरणें इसकी छू लें धरती, हरियाली भर जाए घर।। नीला नभ[...]
कुपोषण – रामकिशोर पाठककुपोषण – रामकिशोर पाठक
शरीर का समुचित विकास हो कर सकें काम आसानी से। इसके लिए ऊर्जा चाहिए जो मिलता खाना पानी से।। भोजन[...]
प्रार्थना – रामकिशोर पाठकप्रार्थना – रामकिशोर पाठक
भक्त खड़ा तेरे द्वार, सुन लो मात पुकार।। नज़रिया फेर कर मातु, कर दो तुम उद्धार। रचे हम क्या दो[...]
सरस्वती वंदना – भवानंद सिंहसरस्वती वंदना – भवानंद सिंह
माॅं शारदे की पूजा अर्चना कर लो मन से आप, मिले आशीष माॅं का उनको पूरा हो सब काज। हम[...]
ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमारज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमार
हे माँ शारदे, वीणावादिनी माँ, ज्ञान की देवी, ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ, मैं हूंँ तुच्छ अज्ञानी, मुझे ज्ञान[...]
सरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदीसरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदी
कर दे निहाल माता, मेरे सपनों को जगा दे। जैसी हो तेरी मर्जी, माँ अपनी शरण लगा ले। करता हूँ तेरा वंदन, तेरा [...]
वासंती महक- सुरेश कुमार गौरववासंती महक- सुरेश कुमार गौरव
पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]
नवजीवन संचार- अपराजिता कुमारीनवजीवन संचार- अपराजिता कुमारी
शीत शरद की हो रही विदाई धरती मानो ले रही अंगड़ाई ऋतुराज की हो रही अगुवाई प्रकृति बसंती रंग में[...]
वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
करूँगी सदा वंदना मैं तुम्हारी, भवानी सुनो प्रार्थना है हमारी। बना दो विवेकी हरो अंधियारा, पुत्री हूँ तुम्हारी बनो माँ[...]
वीणा की झंकार – रत्ना प्रियावीणा की झंकार – रत्ना प्रिया
प्रकृति के मनोहर आँगन में, वसंत की बहार है, वागेश्वरी के वीणा की, गूँजती झंकार है। श्वेत पद्म व श्वेत[...]
