Jainendra

रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 9:01 pm

यहाँ नाग पंचमी में, पूजे जाते नागदेव, शंकर पहनते हैं, बनाकर गले हार। स्वार्थ के हो वशीभूत, मदारी पकड़ते हैं,[...]

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Kumkum

दोहावली – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”दोहावली – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 8:48 pm

देवाधिदेव महादेव दया सिंधु शिव जी सदा,करते हैं कल्याण। जो भी आते हैं शरण,पाते वो वरदान।। बाबा भोलेनाथ को, पूजे[...]

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मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम

0 Comments 6:57 pm

जलता है रात-भर, स्नेह भरा यह दीप, बुझ गया यादें छोड़, सविता के आने से। जल उठे साँझ ढले, बाती-तेल[...]

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मैं था जो मैं हूँ वही – रवीन्द्र कुमारमैं था जो मैं हूँ वही – रवीन्द्र कुमार

0 Comments 6:40 pm

मैं था जो मैं हूँ वही, चेहरा बदला,प्रण है वही, बढ़ते कदम,चलती साँसे, धड़कन की धक-धक में वही। मैं था[...]

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वर्षा आई- गुड़िया कुमारीवर्षा आई- गुड़िया कुमारी

1 Comment 5:02 pm

वर्षा आई, वर्षा आई जीवन में खुशहाली लाई। टिप-टिप,टिप-टिप बरसा पानी, चली हवा जैसे मस्तानी।। नदी, तालाब, खेत और पोखर,[...]

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वर्षा आई- गुड़िया कुमारीवर्षा आई- गुड़िया कुमारी

0 Comments 5:00 pm

वर्षा आई, वर्षा आई जीवन में खुशहाली लाई। टिप-टिप,टिप-टिप बरसा पानी, चली हवा जैसे मस्तानी।। नदी, तालाब, खेत और पोखर,[...]

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Aprajita

पावन तीर्थ नगरी काशी – अपराजिता कुमारीपावन तीर्थ नगरी काशी – अपराजिता कुमारी

0 Comments 7:15 pm

धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्‍कृतिक प्राचीन मोक्षदायिनी सप्‍तपुरियों में एक लोक विश्व विख्‍यात बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ की अति[...]

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छंद: घनाक्षरी- एस. के. पूनमछंद: घनाक्षरी- एस. के. पूनम

0 Comments 7:51 pm

खाली-खाली अंतर्मन, कैसे भरें ज्ञान कोष, यत्न करे हर कोई, कुछ ही सफल हो। लक्ष्य दिखें दूर सही, राह चुनें[...]

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Jainendra

रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’रूप घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:06 pm

तूफां से न घबराते, अपनी मंजिल पाते, जीवन के डगर की, होती न आसान राह। चट्टानों पे बीज बोते, धुन[...]

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