मित्र वही जो साथ निभाए, हर संकट में मुझे बचाए। मित्र वही जो प्रभु गुण गाए, सत्य राह पर मुझे[...]
मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
पावन है देवघर, भोलेनाथ की नगरी, आज सारी दुनिया में, बना सिरमौर है। किसानों में खुशहाली, खेतों बीच हरियाली, पावन[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम
रंगभूमि कर्मभूमि, गोदान है वरदान, निर्मला मंगलसूत्र, दिया पहचान है। ईदगाह बूढ़ीकाकी, याद है पूस की रात, लिखे मानसरोवर, पढ़ना[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम
रंगभूमि कर्मभूमि, गोदान है वरदान, निर्मला मंगलसूत्र, दिया पहचान है। ईदगाह बूढ़ीकाकी, याद है पूस की रात, लिखे मानसरोवर, पढ़ना[...]
मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मनहरण घनाक्षरी- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
लमही में जन्म लिए, साहित्य की सेवा किए, ‘धनपत’ मूल नाम, से इनको जानिए। माता की आँखों के तारे, पिताजी[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनममनहरण घनाक्षरी- एस. के. पूनम
रंगभूमि कर्मभूमि, गोदान है वरदान, निर्मला मंगलसूत्र, दिया पहचान है। ईदगाह बूढ़ीकाकी, याद है पूस की रात, लिखे मानसरोवर, पढ़ना[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
रिश्ते डोरी प्रेम की, आए मन को रास। नेह सत्य सद्भावना, लाती नवल उजास।। रिश्तों को शुचिमय सघन, रखें बनाए[...]
रूप घनाक्षरी- एस. के. पूनमरूप घनाक्षरी- एस. के. पूनम
गर्भ से प्रथम रिश्ता, स्वीकार है माता-पिता, पदार्पण धरा पर, और खुशियाँ बटोर। आँचल में छुप कर, दुग्ध सुधा रसपान,[...]
मनहरण घनाक्षरी- रामपाल प्रसाद सिंहमनहरण घनाक्षरी- रामपाल प्रसाद सिंह
आज बच्चों में उल्लास, छुट्टी मिली है जो खास, चकचक ताजिया है, भरे जो विश्वास से। हिंदुओं का गाॅंव प्यारा,[...]
रूप घनाक्षरी- एस.के.पूनमरूप घनाक्षरी- एस.के.पूनम
नभ पर छाए मेघ, होने लगी बूंँदा-बाँदी, तृण को पोषण मिले, हरियाली चहुँओर। भर गए नदी-नाले, तृप्त हुए जीव-जन्तु, चातक[...]
