दोहा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

दीप जलाकर ज्ञान का, करिए गुरु का गान। चरण शरण रहकर सदा, तजिए निज अभिमान।। गुरुवर प्रतिदिन शिष्य को, देते नैतिक ज्ञान। मन वचनों से कर्म से, करें नित्य सम्मान।।…

वन महोत्सव – नीतू रानी

आओ बहना आओ हमसब मिल पेड़ लगाएँ, हरे- भरे पेड़ों के बीच वन महोत्सव मनाएँ, आओ बहना ——2। 🌳🌴🌲🌳🌴🌳 पर्यावरण को स्वच्छ बनाएँ फल- फूल अपने दरवाजे लगाएँ, अगल- बगल…

वर्षा रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

वर्षा आई झमाझम, मोती गिरे छमाछम, किसानों के चेहरे पे खुशी की निशानी है। बिजली कड़क रही, घटाएं गरज रहीं, मोरनी भी आज हुई मोर की दीवानी है। अखियां चमक…

सात्त्विक मास सावन – सुरेश कुमार गौरव

आया सावन मास तन-मन में, मानो हरियाली सी छाई, जागा उमंग-तरंग,और वर्षा रानी भी, खुशियाली लाई। सावन मास में नर-नारी, हरे रंग में सराबोर हो जाते, ईश भोले ,धतूरा,बेलपत्र, फूल-जल…

शिक्षा का उद्देश्य – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

पढ़ने से ज्ञान मिले दुनिया में मान मिले, जीवन से अज्ञान का मिटता है अंधकार। किए पर खेद करें किसी से न भेद करें, लोगों से करते सभी, सुसंस्कृत व्यवहार।…

पानी से जिंदगानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

बरखा के आस करके थकलय नयनमा,किसनमा। कि खेतिए पर निर्भर हय सबके परनमा किसनमा।। जेठ, बैसाख बितल, बितलय असढ़वा, बिना धान होले केटरो कैसे मिलतs मडवा। रोज दिन निरखे आँख…

वर्षा रानी के संदेश – सुरेश कुमार गौरव

सबके लिए ऋतुओं की रानी है वर्षा, पानी जब-जब बरसे तब-तब मन हर्षा। आसमान में घटाटोप बादल हैं छाएं, पेड़-पौधे हरीतिमा लिए पंख फैलाए। पक्षियों के सुरीले कलरव मीठे बोल,…

रूपघनाक्षरी – एस.के.पूनम

🙏कृष्णाय नमः🙏 विधा:-रूपघनाक्षरी बदरा लुभाए आज, रिमझिम बजे साज, कैसे करे कोई काज तन मन पाए खास। तरंगिणी भर गई, लहरें हिलोर मारी, डोल रही पनसुय्या उर्मी जगायी आस। हलधर…