शिक्षा की देहरी पर दीप जले,आदर्शों में सपने पले।पर पावन उस प्रांगण में अबकुछ मौन-से मोल टँगे मिले।जिस मान का मूल चरित्र रहा,जिस गौरव की जड़ तप में थी—वह मान…
मुझे पढ़ाओ पापा..बिंदु अग्रवाल
मुझे आगे बढ़ाओ पापाहाँ मुझे पढ़ाओ पापा।न दो मुझे उंगली का सहारामुझे चलना सिखाओ पापा। किताबों का दो उपहार मुझे दहेज न तुम जमाओ पापा।मैं भी तो तुम्हारा हिस्सा हूँ…
जिंदगी का सच ..अमरनाथ त्रिवेदी
जिंदगी आज है कल नहीं मिलेगी ,दुनिया तो इसी तरह चलेगी ।बहकावे में न तू किसी के आना ,तभी तो बहारें खुशियाँ मिलेंगी । जमाने महफ़िल शोर है ज्यादा ,भूलो न कभी तुम अपना वादा ।जिंदगी भर तो जीना पड़ेगा , न बदलो कभी…
सर्दी का असर. .भावानंद सिंह
—- धनाक्षरी छंद ————————-शीत का असर देखो,सब पे बराबर है,बिछावन पर दुबके, ओढ़े कम्बल है। सर्द हवा चल रही,ठिठुर रहा तन है,हो रहा बचाव उनका,जो सबल है। दिन दीनों के…
माँ शारदे-राम किशोर पाठक
धरणी छंद वर्णिक माँ शारदे, दया दिखलाओ। दे बुद्धि को, कृपा बरसाओ।। कोई कहे, तुम्हें बलशाली।मानें सदा, तुम्हें सब काली।।माता हमें, सही समझाओ।माँ शारदे, दया दिखलाओ।।०१।। कैसे कहूँ, नहीं कुछ…
नववर्ष तुम्हारा स्वागत है..आशीष अंबर
कविता नववर्ष तुम्हारा स्वागत है,खुशियाँ मिले सबको बस यही चाहत है । नया जोश, नया उल्लास छाया है,खुशियाँ लेकर अपार नववर्ष आया है । तोड़कर नफरत भरी सब दीवारें अब,प्रेम…
नव वर्ष -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
नव वर्ष नव संकल्प ले नव विहान का , नूतन अभिनन्दन कर लो। जो विकृति हो आपसंस्कृति हो , उसका चलो शमन कर लो। नव संकल्प ले नव विहान का…
नए वर्ष की नयी उम्मीदें -रुचिका
नए वर्ष की नयी उम्मीदें देखो, फिर ठिठुरते,कंपकंपाते दिसंबर की सर्द रातों संग ये वर्ष अपनी अंतिम साँसें ले रहा है और फिर हमारे सोचों का सिलसिला जनवरी से लेकर…
बीर बाल दिवस -नीतू रानी
वीर बाल दिवस दो वीर बालक आज है वीर बाल दिवस का दिन आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं दो छोटे-छोटे बालक हँसते-हँसते दी वो अपनी जान। एक…
शीतलहर -ब्यूटी कुमारी
शीतलहर सर्द हवा की कहर, चल रही शीतलहर। गात को कंपा रहा, दीन को सता रहा, सूना पड़ा है डगर। सर्द हवा की कहर, चल रही शीतलहर। छाया घना कोहरा,…