बचपन के खेल बचपन के थे खेल निराले , गिल्ली-डंडा लड़ना कुश्ती । पतंग बाजी , छिप्पा छिप्पी , भागा दौड़ी , धींगामुश्ती । लूडो एवं गोली खेलना , भैया…
फूल मनहरण घनाक्षरी-मनु कुमारी
फूल मनहरण घनाक्षरी आओ बनें हम फूल, गम सारे जायें भूल प्रेम माल बनूं मैं, देख तू संसार के! बनके सुमन हार, देश भक्त राह पडूं, देश भक्ति प्यारी मुझे,…
ममता की दुलारी – भोला प्रसाद शर्मा
ममता की दुलारी अजब तेरी मुस्कान थी, चेहरा भी कमाल था। थी पापा की परी, पर उम्र बारह ही साल था। चेहरे पर ओज-तेज सा, प्रत्यक्ष खिलता गुलाल था। गम…
पीहु रानी – नीतू रानी
पीहु रानी मेरी प्यारी पीहु रानी, मीठी है तुम्हारी वाणी। चुपके से मेरे रुम में घुसकर, मेकअप का सब समान चुराती। कभी आॅ॑खों में काजल लगाती, कभी होंठों में लिपीस्टिक…
हौसला – कुमकुम कुमारी
हौसला देखो आँसू न बहाना, तुम हरदम मुस्कुराना। चाहे लाख तूफाँ आए, कदम पीछे न हटाना।। सदा आगे बढ़ते जाना, देख बाधा न घबराना। अपनी मंजिल पाने को, तुम तूफाँ…
बचपन के खेल – सुधीर कुमार
बचपन के खेल बचपन के थे खेल निराले , गिल्ली-डंडा लड़ना कुश्ती । पतंग बाजी , छिप्पा छिप्पी , भागा दौड़ी , धींगामुश्ती । पीट्टो और कबड्डी द्वारा ,…
शहीदों को श्रद्धांजलि – डॉ.अनुपमा श्रीवास्तवा
शहीदों को श्रद्धांजलि लेकर श्रद्धा-सुमन आँखों में तुम्हें नमन हम करते हैं, हे! भारत माँ के अमर-वीर तुम्हें अश्रु अर्पित करते हैं। सारे जहां में लहरा दिया तिरंगा तेरे शान…
तुझको मेरा सलाम – कुमकुम कुमारी
तुझको मेरा सलाम भारत की सीमाओं पर, खड़े हैं जो सीना तान। उनसे ही तो सुरक्षित है, अपना प्यारा हिंदुस्तान। देश की रक्षा के खातिर, जिसने दे दी अपनी जान।…
शहीद तुझे सलाम – नीतू रानी
शहीद तुझे सलाम धन्य हे ईश्वर दिया उन शहीदों को अपने हृदय में उन्हें स्थान, जो चौदह फरवरी को पुलवामा में दिया हॅ॑सते-हॅ॑सते वो अपनी जान। चालीस की संख्या में…
मनहरण घनाक्षरी पुलवामा के शहीद – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मनहरण घनाक्षरी पुलवामा के शहीद छिपकर कायरों ने,सेना पर घात किया, वीरों तेरा बलिदान, व्यर्थ नहीं जाएगा। भारत माता के लिए, जान पर खेल गए, तेरा बलिदान तुम्हें, अमर बनाएगा।…