मनहरण घनाक्षरी चले वसंती बयार, छाया सबपे खुमार, होकर हंस सवार, आई चन्द्रकांति माँ। छेड़ दी वीणा की तार, झंकृत हुआ संसार, छाई खुशियाँ अपार, आई चन्द्रकांति माँ। छटा घोर…
ग़ज़ल
ग़ज़ल जब हम अपने पर आए वो भी अपने घर आए। उनकी भोली सूरत पर पता नहीं क्यों मर आए। पछुआ हवा के झोंकों पर अदबी विरासत धर आए। चैन…
प्रकाशपुंज
प्रकाशपुंज प्रकाशपुंज हूँ,विश्व को प्रकाशमय करता हूँ। संसार से अशिक्षा को दूर भगाता हूँ। समाज से सामाजिक बुराइयों को भगाता हूँ। जन-जन में शिक्षा का अलख जगाता हूँ। जीवन के…
एक कविता,स्वयं के लिए
एक कविता,स्वयं के लिए कुछ सच बताऊं,इससे पहले एक शपथ लेता हूँ आपसे, आप इसे भूलेंगे नहीं, मेरे साथ मेरे गम में डूबेंगे नहीं। मैंने खुली छूट दे रखी है…
एक कविता, बच्चों के लिए
एक कविता, बच्चों के लिए मेरे बच्चों! आज जरूरी नहीं है बहुत की मैं तुम्हारे प्रति नई शपथ लूँ इस मंच से लेकिन यह जरूरी है की इस बहाने मैं…
कुण्डलिया
कुण्डलिया अनुकंपा के नाम पर, अब मिलता है काम वरना जेबें ढीली कर,सहज निकालो दाम। सहज निकालो दाम,न रखो किसी में आस्था मेधा कुछ नहीं करे,बनी है यही व्यवस्था। कह’…
गाय एक चौपाया जानवर है
गाय एक चौपाया जानवर है एक स्त्री कभी बीमार नहीं पड़ती जैसे कि वह एक स्तनधारी गाय हो जिसे दूहा जाता है, तब तक जब तक कि उसकी धमनियों में…
सीढ़ी
सीढ़ी घर के कोने में सुबकती सीढ़ी जिसे हम अक्सरहां भूल जाते हैं बना डालते हैं उसे एक स्टोर रूम… जहाँ महीनों का पड़ा समाचार पत्र जम्हाइयां लेता रहता है…
नवयुग का निर्माण करो
नवयुग का निर्माण करो सुख शांति हो विश्व में, ऐसे कार्य महान करो उठो देश के नौनिहालों, नवयुग का निर्माण करो । जाति धर्म वर्ण भेद में, देश ये खंडित…
लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।
लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।। लिखना सबसे बड़ा गुनाह था हम गुनहगार हुए जन्म के साथ ही झाड़ू कटका में हम निपुण हुए सुबह की चाय पिता के बिस्तर छोड़ते…