ग़ज़ल जब हम अपने पर आए वो भी अपने घर आए। उनकी भोली सूरत पर पता नहीं क्यों मर आए।[...]
प्रकाशपुंजप्रकाशपुंज
प्रकाशपुंज प्रकाशपुंज हूँ,विश्व को प्रकाशमय करता हूँ। संसार से अशिक्षा को दूर भगाता हूँ। समाज से सामाजिक बुराइयों को भगाता[...]
एक कविता,स्वयं के लिएएक कविता,स्वयं के लिए
एक कविता,स्वयं के लिए कुछ सच बताऊं,इससे पहले एक शपथ लेता हूँ आपसे, आप इसे भूलेंगे नहीं, मेरे साथ मेरे[...]
एक कविता, बच्चों के लिएएक कविता, बच्चों के लिए
एक कविता, बच्चों के लिए मेरे बच्चों! आज जरूरी नहीं है बहुत की मैं तुम्हारे प्रति नई शपथ लूँ इस[...]
कुण्डलियाकुण्डलिया
कुण्डलिया अनुकंपा के नाम पर, अब मिलता है काम वरना जेबें ढीली कर,सहज निकालो दाम। सहज निकालो दाम,न रखो किसी[...]
गाय एक चौपाया जानवर हैगाय एक चौपाया जानवर है
गाय एक चौपाया जानवर है एक स्त्री कभी बीमार नहीं पड़ती जैसे कि वह एक स्तनधारी गाय हो जिसे दूहा[...]
सीढ़ीसीढ़ी
सीढ़ी घर के कोने में सुबकती सीढ़ी जिसे हम अक्सरहां भूल जाते हैं बना डालते हैं उसे एक स्टोर रूम…[...]
नवयुग का निर्माण करोनवयुग का निर्माण करो
नवयुग का निर्माण करो सुख शांति हो विश्व में, ऐसे कार्य महान करो उठो देश के नौनिहालों, नवयुग का निर्माण[...]
लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।
लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।। लिखना सबसे बड़ा गुनाह था हम गुनहगार हुए जन्म के साथ ही झाड़ू कटका में[...]
मनहरण घनाक्षरीमनहरण घनाक्षरी
मनहरण घनाक्षरी कभी देश प्रेम पर, हो गए न्योछावर जो, भारत माता के लाल, सभी कहलाते हैं। जब तक देश[...]
