योग-रूचिका

योग स्वस्थ तन और मन के लिए, योग को आप अपनाइए। रोगमुक्त जीवन के लिए, योग आप करते जाइये। दिन की शुरुआत हो, ॐ के उच्चारण से। साधना में रत्त…

मेरे पापा-ब्रम्हाकुमारी मधुमिता

मेरे पापा मेरी हर खुशी में मुस्कुराते मेरे हर गम में, ढांढस बढ़ाते मेरे पापा मुझे कभी पीटी उषा, तो कभी सुनीता विलियम्स बनाते मेरे पापा मेरे आंसुओं के बहने…

पिता-ब्यूटी कुमारी 

पिता पिता राही, पिता रक्षक पिता पथ प्रदर्शक है। पिता सागर, पिता पर्वत पिता धरती और गगन है। पिता सूर्य, पिता किरण पिता वृक्ष और छाया है। पिता शिक्षा, पिता…

सतरंगी प्रकृति-लवली वर्मा

  सतरंगी प्रकृति रंगों से भरी है प्रकृति, मनभावन सुंदर अति। नीले नभ में उड़ते खग, कर देते हैं हमें स्तब्ध। पेड़ों की पत्तियां हरी, टहनियों संग जोड़े कड़ी। रंग-बिरंगे…

कौतूहल भरा वो दिन-विवेक कुमार

कौतूहल भरा वो दिन वात्सल्य प्रेम की गोद में पला, अंजाना अज्ञानता से भरा अबोध बालक। मां की ममता पिता का प्यार, अनछुई अनकही अबूझ पहेली सी, सभी का प्यारा…