आओ सब मिल वृक्ष लगाएं आओ सब मिल वृक्ष लगाएं पर्यावरण को स्वच्छ बनाएं धरा पर थोड़ा वृक्ष बचे हैं शेष स्वार्थ की बलि चढ़े हैं जिधर देखो धुआं-धुआं है…
रौनकें वापस लौटा दो-रूचिका
रौनकें वापस लौटा दो स्कूल की दीवारें और खेल की मैदानें हर दम हर पल ये पूछ रही है। कब गूँजेगी कहकहे, कब लौटेगी रौनकें हरदम हर पल ये पूछ…
हम भारत की तकदीर हैं-रीना कुमारी
हम भारत की तकदीर हैं हम भारत की तकदीर है, हाँ, विल्कुल सच्ची तस्वीर हैं। न कोई टोन न कोई चिढ़ है, न ही हम कोई टेढ़ी खीर हैं। हम…
विद्यालय का आँगन-अंजलि कुमारी
विद्यालय का आँगन पुनः गूंजेंगे गीत खुशी से, चेतना सत्र के प्रांगण में। पुनः खेलेंगे छात्र-छात्राएं, विद्यालय के आंगन में।। महामारी में कैद हो गया, बचपन चारदीवारी में। शिक्षक माली…
कोरोना की मार-सुरेश कुमार गौरव
कोरोना की मार कोरोना और इस काल से रहें सतर्क हमेशा रहें सजग करें कोई न कुतर्क। सामाजिक दूरी अब भी है पूरी जरुरी भीड़-भाड़ का जीवन तो है गैर…
देखो खो रहा बचपन- स्वाति सौरभ
देखो खो रहा बचपन हो गई हैं गालियां वीरान, ना करते अब बच्चे परेशान, ना टूटते अब घरों के शीशे, ना डंडा ले दादा दौड़ते पीछे, चार दीवारों…
सम्मान करो-विजय सिंह नीलकण्ठ
सम्मान करो सम्मान करो सम्मान करो बड़ छोटों का सम्मान करो नर नारी हो या बाल सखा पूरे सबके अरमान करो। गर मात पिता जी क्रोधित हो उनकी बातों का…
गौरवशाली बिहार-सत्यम कुमार
गौरवशाली बिहार मगध का मौर्य चन्द्रगुप्त हूँ, लिच्छवियों की वैशाली हूँ, आर्यभट्ट का दशमलव हूँ मैं, चाणक्य, अशोक, बिहारी हूँ। रश्मिरथी अंगराज कर्ण हूँ, माँ मैथिली की मिथिला हूँ, महावीर…
छोटी सी रचना-प्रीति कुमारी
छोटी सी रचना मन के उदगारों को, शब्द मिल गये। कल्पना में सारे, फूल खिल गए। मन उड़ने लगा सपनों का पंख लगाकर। फिर थिरक उठी उंगलियाँ, कोरे कागज पर।…
उठो उठो सुबह हुई-रानी सिंह
उठो उठो सुबह हुई सुबह-सुबह दादी क्यों ? चिड़िया खिड़की पर आ जाती है आ जाती है तो आ जाती है शोर क्यों इतना मचाती है ? उछल-कूद करती है…