Anupama

ऐसे होते हैं पापा-अनुपमा अधिकारीऐसे होते हैं पापा-अनुपमा अधिकारी

0 Comments 11:22 am

पापा खयालों में भी सबका खयाल वो हर वक्त रखते हर दर्द सहकर भी होठों पर मुस्कान सदा रखते! ऐसे[...]

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Madhumita

मेरे पापा-ब्रम्हाकुमारी मधुमितामेरे पापा-ब्रम्हाकुमारी मधुमिता

0 Comments 11:04 am

मेरे पापा मेरी हर खुशी में मुस्कुराते मेरे हर गम में, ढांढस बढ़ाते मेरे पापा मुझे कभी पीटी उषा, तो[...]

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Beauty

पिता-ब्यूटी कुमारी पिता-ब्यूटी कुमारी 

0 Comments 11:03 am

पिता पिता राही, पिता रक्षक पिता पथ प्रदर्शक है। पिता सागर, पिता पर्वत पिता धरती और गगन है। पिता सूर्य,[...]

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Lovely

सतरंगी प्रकृति-लवली वर्मासतरंगी प्रकृति-लवली वर्मा

0 Comments 9:14 am

  सतरंगी प्रकृति रंगों से भरी है प्रकृति, मनभावन सुंदर अति। नीले नभ में उड़ते खग, कर देते हैं हमें[...]

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Vivek

कौतूहल भरा वो दिन-विवेक कुमारकौतूहल भरा वो दिन-विवेक कुमार

0 Comments 4:49 pm

कौतूहल भरा वो दिन वात्सल्य प्रेम की गोद में पला, अंजाना अज्ञानता से भरा अबोध बालक। मां की ममता पिता[...]

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Giridhar

सीखना जैसे जीना-गिरिधर कुमारसीखना जैसे जीना-गिरिधर कुमार

0 Comments 11:42 am

सीखना जीना जैसे सतत अविरल चलते रहना सबक यह पूरा नहीं होता यह रास्ते खत्म नहीं होते कभी यही सौंदर्य अद्वितीयता[...]

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Dilip gupta

पथिक-दिलीप कुमार गुप्तपथिक-दिलीप कुमार गुप्त

0 Comments 9:09 am

पथिक कंटक निर्जन राह से बचकर निष्कंटक मार्ग चलना होगा असत्य की भीड़ से पृथक सत्य संबल अपनाना होगा। पथिक![...]

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Dilip choudhary

यादों का वातायन-दिलीप कुमार चौधरीयादों का वातायन-दिलीप कुमार चौधरी

0 Comments 7:13 am

यादों का वातायन जब आता है आम का मौसम याद आता है मुझे अपना गाँव। हरे-भरे, सुहाने खेत-खलिहान और पेड़ों[...]

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Suresh kumar

मोबाईल की दुनियां-सुरेश कुमार गौरवमोबाईल की दुनियां-सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 5:39 pm

मोबाईल की दुनियां कल तक अपनी ‌कलम से, लिखावट की बाते थीं! डाक से अपनों को पत्रादि, भेजने की आदतें[...]

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