पापा खयालों में भी सबका खयाल वो हर वक्त रखते हर दर्द सहकर भी होठों पर मुस्कान सदा रखते! ऐसे[...]
मेरे पापा-ब्रम्हाकुमारी मधुमितामेरे पापा-ब्रम्हाकुमारी मधुमिता
मेरे पापा मेरी हर खुशी में मुस्कुराते मेरे हर गम में, ढांढस बढ़ाते मेरे पापा मुझे कभी पीटी उषा, तो[...]
पिता-ब्यूटी कुमारी पिता-ब्यूटी कुमारी
पिता पिता राही, पिता रक्षक पिता पथ प्रदर्शक है। पिता सागर, पिता पर्वत पिता धरती और गगन है। पिता सूर्य,[...]
सतरंगी प्रकृति-लवली वर्मासतरंगी प्रकृति-लवली वर्मा
सतरंगी प्रकृति रंगों से भरी है प्रकृति, मनभावन सुंदर अति। नीले नभ में उड़ते खग, कर देते हैं हमें[...]
Save your life-Vijay Singh NeelkanthaSave your life-Vijay Singh Neelkantha
Save your life Save your life save your life of own children and of wife Remain indoor leave outdoor Spend[...]
कौतूहल भरा वो दिन-विवेक कुमारकौतूहल भरा वो दिन-विवेक कुमार
कौतूहल भरा वो दिन वात्सल्य प्रेम की गोद में पला, अंजाना अज्ञानता से भरा अबोध बालक। मां की ममता पिता[...]
सीखना जैसे जीना-गिरिधर कुमारसीखना जैसे जीना-गिरिधर कुमार
सीखना जीना जैसे सतत अविरल चलते रहना सबक यह पूरा नहीं होता यह रास्ते खत्म नहीं होते कभी यही सौंदर्य अद्वितीयता[...]
पथिक-दिलीप कुमार गुप्तपथिक-दिलीप कुमार गुप्त
पथिक कंटक निर्जन राह से बचकर निष्कंटक मार्ग चलना होगा असत्य की भीड़ से पृथक सत्य संबल अपनाना होगा। पथिक![...]
यादों का वातायन-दिलीप कुमार चौधरीयादों का वातायन-दिलीप कुमार चौधरी
यादों का वातायन जब आता है आम का मौसम याद आता है मुझे अपना गाँव। हरे-भरे, सुहाने खेत-खलिहान और पेड़ों[...]
मोबाईल की दुनियां-सुरेश कुमार गौरवमोबाईल की दुनियां-सुरेश कुमार गौरव
मोबाईल की दुनियां कल तक अपनी कलम से, लिखावट की बाते थीं! डाक से अपनों को पत्रादि, भेजने की आदतें[...]
