ज़रा संभल ऐ राही ज़रा संभल बाहर निकलने के लिए न मचल काल रूप धर आया है बनकर कोरोना इसे तुम समझो न बच्चों का खिलौना काल कल्वित आंकड़े निरन्तर…
पर्यायवाची कविता-आँचल शरण
पर्यायवाची कविता आओ बच्चों तुम्हें बताएं बातें कुछ तेरे ज्ञान की, झट याद हो जायेगा तुम्हें कुछ नये-नये शब्द, बस जरूरत है थोड़े ध्यान की। राजा को हम कहते है…
मानव धर्म-डॉ अनुपमा श्रीवास्तव
मानव धर्म कर सको तो कर दो बढ़कर है अगर तुझमें वो “दम” , पोछ दो “आंसू” किसी के हो ना उसकी आँखे “नम”। थाम लो “अपनों” की बाहें बांट…
देवभूमि हिमाचल-अपराजिता कुमारी
देवभूमि हिमाचल देवभूमि मैं, हिम का अंचल ‘हिमाचल’ स्थित मेैं भारत के उत्तर पश्चिम में है, क्षेत्रफल मेरा 55,673 वर्ग कि. मी. कश्मीर किरीट तो हूंँ मेैं, भारत का कंठ…
नवल वर्ष-अर्चना गुप्ता
नवल वर्ष नवल चेतना की आस लिए नव उम्मीदों की प्यास लिए, दृढ संकल्प के रथ पर आरूढ़ आशा संग उमंगें ले आया है, देखो ! नवल वर्ष यह आया…
मेरी प्यारी मां-लक्ष्मी कुमारी
मेरी प्यारी मां मांग लूँ यह मन्नत कि, फिर यही जहाँ मिले। फिर यही गोद मिले, फिर यही प्यारी माँ मिले। जब किसी ने रुलाया तब आपने ही हँसना सिखाया…
अपना बिहार-संयुक्ता कुमारी
अपना बिहार अपना बिहार सुखमय संसार है हमारा यही प्रेम आधार।। मैया सीता की पावन धरती विद्यापति का यह संसार।। बाल्मीकि का रामायण मिथिला का पावन संस्कार।। हम बिहारी सीधे-साधे…
बापू आज भी जिन्दा है-सुधीर कुमार
बापू आज भी जिन्दा है शहीद दिवस पर याद , आते हैं सबको गांधीजी । जिन्होने जंग ए आजादी में , लाई थी एक आंधी जी । तीस जनवरी सन्…
तन की सफाई-विजय सिंह नीलकण्ठ
तन की सफाई तन के अंगों की साफ सफाई जन जीवन की दिनचर्या हो स्वस्थ निरोग शरीर रहेगा कोई बीमारी कभी न हो। पग से लेकर शीश तलक हर अंग…
मेरी प्यारी बटिया रानी-रीना कुमारी
मेरी प्यारी बटिया रानी ओ! मेरी प्यारी बिटिया रानी, तुम तो मेरी राजदुलारी हो। पापा की तुम प्यारी बिटिया, घर की तुम शोभा न्यारी हो। तुम तो हो परियों की…