कार्तिक पावन पूर्णिमा, महिमा कहे बखान।कट जाता है पाप सब, कर गंगा में स्नान।। भीड़ उमड़ती घाट पर, मनहर लगता आज।दान-पुण्य भी कर रहे, कर्म सभी निज मान।। आओ हम…
कुंडलिया.रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाषा अच्छी बोलना,मुख का है शृंगार।संधारित जिसने किये,लूट लिए संसार।। लूट लिए संसार,स्वर्ग सुंदर मुस्काया।अवतारण की चाह,देव मानस पर छाया।। कहते हैं ‘अनजान’,सदा रखना अभिलाषा।करके ही अभ्यास, सुधारो अपनी भाषा।।…
भाग्यशाली जेमिनी -रामपाल प्रसाद सिंह
कुंडलिया भाग्यशाली जेमिनी। मंदिर के चौखट खड़े,पूजा में हो बाध। ॲंखियों से ऑंसू गिरे,पूरी हुई न साध।। पूरी हुई न साध, हार नारी ना मानी। अवसर मिलते खास,ऑंख से झड़ते…
खुशी में झूमा भारत -रामपाल प्रसाद सिंह
कुंडलिया खुशी में झूमा भारत भारत के इतिहास पर,गर्वीले नर-नार। विजय तिरंगा हाथ में, झुके शीश सौ बार।। झुके शीश सौ बार, जगत को है हैरानी। भारत महिला टीम, उतारी…
मत देना मतदान -स्नेहलता द्विवेदी
मतदान मत दान करना मतदान, यह तो है जागरुकता की पहचान. प्रजातंत्र का मान और अपना स्वाभिमान. शांति विकास कानून का सम्मान. मत दान करना मतदान, पूछो स्वयं से, क्या…
फिर रचा इतिहास है -मनु कुमारी
फिर रचा इतिहास है विश्व कप का खिताब जीतकर , फिर रचा इतिहास है । बेटियों ने हीं बताया, चाँद कितना पास है।। मां पिता के स्वप्न को वह ,कर…
इतिहास कौन रचता है -गिरिंद्र मोहन झा
इतिहास कौन रचता है? धरातल से जुड़कर जो वर्तमान से भविष्य की ओर निरंतर चलता है, इतिहास वही रचता है, महाजनो येन गत: स पन्था: का अनुसरण जो अपने ही…
जीवन में शिक्षा का महत्व -मृत्युंजय कुमार
जीवन में शिक्षा का महत्व..! शिक्षा बिना जीवन लगता बेकार, शिक्षा है हम सब का मूल अधिकार। चाहे कोई हो मजदूर,किसान या आम इंसान, शिक्षा बिना सबका जीवन विरान। पढ़े-लिखे…
भक्ति भाव मन -रामकिशोर पाठक
भक्ति भाव मन- वासुदेव छंद गीत पावन अब तन, करना है। भक्ति भाव मन, धरना है।। भोग रहे सब, कृत अपने। देख रहे बस, नित सपने।। पाप बोझ तज, मरना…
नेता के उपनाम -रामकिशोर पाठक
नेता के उपनाम- कहमुकरी इर्द-गिर्द मँडराते रहता। जुल्म-सितम सहने को कहता।। नखरा भी करता है प्रत्यक्ष। क्या सखि? साजन! न सखि! अध्यक्ष।।०१ बहलाता फुसलाता हमको। सपने खूब दिखाता हमको।। कहता…