शिव बम भोले- भुजंग शिशुसुता छंद वार्णिक
शिव-शिव बम भोले हैं।
मधु रस मन घोले हैं।।
जब-जब हम बोले हैं।
सुनकर शिव डोले हैं।।०१।।
पशुपति त्रिपुरारी हैं।
समरस शुभकारी हैं।।
जन-जन हितकारी है।
शिव हर अघहारी हैं।।०२।।
बम शिव करने आओ।
पग सिर धरने आओ।।
शुभ यश गहने आओ।
शुचि वर लहने आओ।।०३।।
पग नमन तुम्हारी है।
विनय प्रभु हमारी है।।
तन-मन सुख कारी है।
शिव भव-भय हारी है।।०४।।
रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
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