संघर्ष- बेबी अर्चना
संघर्ष तो है जीवन का साथी
बाकी सारा दिखता भ्रम है,
उदय-अस्त तो चलता रहता
समस्त सृष्टि का यह क्रम है।
दीप्त दिवस हो या निशा गहन
क्रमवार चलता उत्थान पतन,
सुख दुःख तो पहलू जीवन के
पतझड़ संग ज्यों बासंती वन,
संघर्ष की अग्नि में जो तपता
यथार्थ में बस वही एक श्रम है,
संघर्ष तो है जीवन का साथी
बाकी सारा दिखता भ्रम है।।
जो मंजिल की चाह अगर हो
मन में इच्छा होती प्रबल हो,
दूर होगी फिर पथ की बाधा
अंतस का जो आत्मबल हो,
संघर्ष बिना जो मिल जाए
वो समझो भिक्षा का धन है,
संघर्ष तो है जीवन का साथी
बाकी सारा दिखता भ्रम है।।
है प्रकृति से ही बँधा संसार
मौसम के मिलते कई उपहार,
बारी बारी से सब आते-जाते
ज्यों जीवन-मृत्यु व जीत-हार,
आत्मसात कर तटस्थ भाव से
जीवनलय में अनंत गगन है,
संघर्ष तो है जीवन का साथी
बाकी सारा दिखता भ्रम है।।
बेबी अर्चना
मध्य विद्यालय कुआड़ी
प्रखंड कुर्साकांटा जिला अररिया
