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शिक्षक – बेबी अर्चना
शिक्षक हैं देते शिक्षा का दान
उनसे ही सुरभित सकल जहान
ज्ञानदीप अखंड जलाते निशदिन महिमा उनकी है अनन्त महान
शिक्षक तो जग के राष्ट्र निर्माता
नव पल्लव के वो भाग्य विधाता
नौनिहालों का सँवारकर बचपन
जीवन सुखमय उज्ज्वल बनाता
शिक्षक तो होते ज्ञान के ग्रंथ
मिलता उनसे ही जीवन का मंत्र
देकर दान ज्ञान, संकल्पभाव का
बनाते गगनचुंबी वो मीनार स्वतंत्र
शिक्षक ही तो हैं जीवन-आधार
धरा से गगन देते अनंत विस्तार
ज्ञानामृत पान करा कच्चे लोंदे को
गढ़ माटी बनाते अतुल्य आकार
शिक्षक का ना होता कोई सानी
बिन उनके शिक्षा कोरी बेमानी
नित नूतन प्रेरक आयाम वो देते
चतुर्दिक फैले उनकी कीर्ति-कहानी
शिक्षक ही हैं शब्द-भंडार के दाता
गुरू बिन ना यह संभव हो पाता
दिखा मंजिल की किरण सुनहरी
हैं निज पहचान के गुरू ही प्रदाता
शिक्षक तो हैं सफल राष्ट्र की धुरी
बिन उनके होती ना कोई शिक्षा पूरी
दीप प्रज्वलित जीवन का करते
वर्ना छाई रहती अज्ञानता की राह अंधेरी
शिक्षक कराते हर विधा का संज्ञान
सबका जीवन बनाते सफल महान
इस हर्षित पुलकित पावन अवसर पर
आओ सब मिल करें उनका सम्मान
बेबी अर्चना
मध्य विद्यालय कुआड़ी
प्रखंड कुर्साकांटा जिला अररिया
शिक्षक दिवस विशेष

