Tag: कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृती

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खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”खुद को दीप्तिमान कर – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 5:28 pm

शांति से सहन कर,अहं का दमन कर, बेकार तकरार में,वक्त न गवाइए। आलस्य को तज कर,खड़ा रह डट कर, विपरीत[...]

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शुभकामना संदेश-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’शुभकामना संदेश-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 11:12 am

शुभकामना संदेश नववर्ष के उपलक्ष्य में, शुभकामना है मेरी। यही कामना है मेरी, शुभकामना है मेरी। हम नित यूँ ही[...]

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नशामुक्त हो जहां-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”नशामुक्त हो जहां-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 10:56 am

नशामुक्त हो जहां नशामुक्त होगा अगर इंसान, करेगा सभ्य समाज का निर्माण। देकर अपनी रचनात्मक योगदान, कराएगा मानवता की पहचान।[...]

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संविधान दिवस-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”संविधान दिवस-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 9:19 am

संविधान दिवस हमारा भारत देश था बड़ा परेशान, अंग्रेजों ने किया था बड़ा नुकसान। भारतीयों ने तब मन में लिया[...]

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स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 8:01 am

नवदुर्गा पूजा मेरी स्वीकारो माता, जग-जननी जगदंबे माता। नवरूप धर मेरी प्यारी मैय्या, घर में मेरे पधारो माता। पूजा मेरी………………….[...]

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आओ वैक्सीनेशन कराएँ-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”आओ वैक्सीनेशन कराएँ-कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

0 Comments 5:31 pm

आओ वैक्सीनेशन कराएँ कोरोना ने जन-जन को बहुत रुलाया है हम सबके जीवन को अस्त-व्यस्त बनाया है हमारे वैज्ञानिकों ने[...]

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प्रीत जहाँ की रीत सदा-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’प्रीत जहाँ की रीत सदा-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 11:56 am

प्रीत जहाँ की रीत है प्रीत जहाँ की रीत सदा, हम उस राष्ट्र की बाला हैं। जहाँ की माटी का[...]

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बेजुबान-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’बेजुबान-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 9:38 am

बेजुबान जरा देखकर गाड़ी, चलाओ गाड़ीवान। तेरी लापरवाही से निकल जाता कितने बेजुबानों का प्राण। मारकर ठोकर उनको, तुम कर[...]

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जय गंगा मैय्या-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’जय गंगा मैय्या-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 12:02 pm

जय गंगा मैय्या हर हर गंगे, नमामि गंगे। पतितपावनी, मोक्षदायिनी गंगे। भगीरथ के तपोबल से गंगा, वैकुण्ठ छोड़ धरा पर[...]

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योग और आध्यात्म-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृती’ योग और आध्यात्म-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृती’ 

0 Comments 5:11 pm

योग और आध्यात्म योग है आध्यात्मक की सीढ़ी जो जन इसपर चढ़ता जाता है तन-मन अपना पावन बनाकर अद्भुत सुख[...]

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