स्तुति-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

Kumkum

नवदुर्गा

पूजा मेरी स्वीकारो माता,
जग-जननी जगदंबे माता।
नवरूप धर मेरी प्यारी मैय्या,
घर में मेरे पधारो माता।
पूजा मेरी………………….

प्रथम रूप शैलपुत्री माता,
हृदय बीच समाओ माता।
अपनी अनुपम प्रभा से मैय्या,
तन-मन निश्छल बना दो माता।
पूजा मेरी……………………

द्वितीय रूप ब्रह्मचारिणी माता,
ज्ञान का ज्योत जला दो माता।
सन्मार्ग से हम डिग नहीं पाये,
सद्ज्ञान हमें करा दो माता।
पूजा मेरी………………….

तृतीय रूप चंद्रघंटा माता,
नैनं बीच बस जाओ माता।
करके दया वृष्टि हे मैय्या,
अलौकिक छवि दिखाओ माता।
पूजा मेरी……………………

कोटि नमन स्वीकारो माता,
जग-जननी कुष्मांडा माता।
अष्ट सिद्धि को देने वाली,
आदिशक्ति, अष्टभुजा माता।
पूजा मेरी………………..

पंचम रूप हे स्कंदमाता,
मातृस्वरूपिणी, विश्वविधाता।
ममता की आँचल को फैलाओ,
शरण में अपने बिठाओ माता।
पूजा मेरी……………………

जय-जय-जय कात्यानी माता,
रोग-शोक-भय हारिणी माता।
अपनी कृपा दृष्टि से मैय्या,
मुक्ति का मार्ग दिखाओ माता।
पूजा मेरी…………………….

सप्तम रूप कालरात्रि माता,
जग-जननी जगदंबे माता।
असुरों का वध करके मैय्या,
सारे कष्ट मिटा दो माता।
पूजा मेरी………………….

सुख-समृद्धि प्रदायिनी माता,
जय-जय-जय महागौरी माता।
वृषारूढ़ा हे त्रिशूलधारणी,
घर में मेरे पधारो माता।
पूजा मेरी……………………

सिद्धि दात्री नवदुर्गा माता,
विनती मेरी स्वीकारो माता।
जय-जय-जय जगदंबे भवानी,
हृदय बीच पधारो माता।
पूजा मेरी……………………

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
मध्य विद्यालय बाँक

जमालपुर, मुंगेर

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *