Tag: गंगा

गंगा-नूतन कुमारीगंगा-नूतन कुमारी

0 Comments 10:16 am

  गंगा मोक्षदायिनी गंगा सर्वस्व समाहित कर जगत को निरंतर करती दुलार मां समान। कल्याणकारी गंगा इक बूंद से तृप्ति[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant Mishar

गंगा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’गंगा – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 3:00 pm

पापनाशिनी मोक्षदायिनी। पुण्यसलिला अमरतरंगिनी। ताप त्रिविध माँ तू नसावनी तरल तरंग तुंग मन भावनी।। भक्ति मुक्ति माँ तू प्रदायिनी सकल[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

गंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रविगंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:51 pm

गंगा स्वर्ग से धरती पर आई, जन-जन की पातक नाशिनी गंगा। विष्णु के चरणों से निकली, शिव जटा निवासिनी गंगा।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें