चन्दा मामा नील गगन में एक चन्द्रमा निशा की तिमिर मिटाता है, धरा पर फैले उसकी चाँदनी शीतलता पहुँचाता है । बच्चे मामा कहते उसको खिलौने लेकर आओ ना, दूध-भात…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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