चेतावनी अभी जाकर अहसास हुआ है अपनी औकात एक अदना-सा विषाणु अपनी गिरफ्त में ले लेने को उतारु है उस सभ्यता को जो विजय पाने का दंभ भारती रही है…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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