जीवनदाता सब जीवों की यही कहानी जीवित रहता पीकर पानी इसके बिना न जीवन संभव फिर भी करते जन मनमानी। करते रहता इससे स्नानी मिलता रहता हर स्थानी बचपन हो…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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