जीवन के आयाम सुबह हुई अब आँखें खोलो, बिस्तर छोड़ो, मुहँ हाथ धोलो। नित्य क्रिया से निबट जाओ तुम, पढाई-लिखाई में मन लगाओ तुम। थोड़ा सा योगा, थोड़ा सा ध्यान,…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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