जीवन तो चलते जाना है माना संघर्षों से भरा जीवन है पर चलना अनवरत हर क्षण है, छिप जाए गर तम में दिनकर देख न उसे अब घबराना है ,…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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