सूरज दादा आसमान में सूरज दादा, दूर हैं हमसे बहुत ज्यादा। रात में करते कहां बसेरा, सुबह में लाते साथ[...]
Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”
दीपोत्सव-जैनेन्द्र प्रसाद रविदीपोत्सव-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
दीपोत्सव आओ हम सब त्योहार मनाएं, मिल-जुलकर इस दिवाली में। गिले-शिकवे सब दूर करें हम, ताकि दिन बीते खुशहाली में।।[...]
बैलगाड़ी-जैनेन्द्र प्रसाद रविबैलगाड़ी-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
बैलगाड़ी कच्ची सड़क की सबसे प्यारी, बैलगाड़ी है सबसे सुंदर सवारी। उबड़-खाबड़ रास्तों पर भी, शान से चलती बनाकर धारी।।[...]
भजन-जैनेन्द्र प्रसाद रविभजन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
भजन तोहर माथे में मुकुट गले हार सोहे ली, माई दसों हाथ तोहर हथियार सोहे ली। कर में कंगन सोहे[...]
माॅं-जैनेन्द्र प्रसाद रविमाॅं-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
माॅं मन मंदिर में तुझे बिठाकर, मां चरणों में नबाऊं शीश। तू हीं दुर्गा, मां शारदा, उमा बन कर देना[...]
बापू की निशानी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’बापू की निशानी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
बापू की निशानी देश की आजादी पर अर्पित कर दी जवानी है, ये आजादी तो बापू की अमिट निशानी है।[...]
पानी से जिंदगानी-जैनेन्द्र प्रसाद रविपानी से जिंदगानी-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
पानी से जिंदगानी वर्षा से जीवन मिलता है, खेतों को हरियाली, हरे भरे पेड़ों की प्रकृति करती रखवाली। पानी की[...]
धरती को स्वर्ग बनाएं-जैनेन्द्र प्रसाद रविधरती को स्वर्ग बनाएं-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
धरती को स्वर्ग बनाएं आओ बच्चों मिल जुल कर हम स्वच्छता अपनाएं, पृथ्वी को प्रदूषण मुक्त कर धरती को स्वर्ग[...]
शिक्षक-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”शिक्षक-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”
शिक्षक शिक्षक शिक्षा दान करें, निज शिष्यों का अज्ञान हरें । जाति-धर्म से परे रहकर, मानवता का कल्याण करें। हम[...]
आलू की शादी-जैनेन्द्र प्रसाद रविआलू की शादी-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
आलू की शादी आलू राजा लेकर चले बारात, साथ सभी सब्जी की जमात। गोल मटोल हैं दुल्हा राजा, संग में[...]
