प्रवेशोत्सव बच्चों को हमें पढ़ाना है, हमें नया बिहार बनाना है। अशिक्षित समाज के लोगों में, शिक्षा का अलख जगाना[...]
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गौरव बिहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि गौरव बिहार-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
गौरव बिहार जो गौतम की है तपोभूमि, जिसे महावीर का मिला प्यार। वह भारत का गौरव बिहार।। कोशी, कमला, बूढ़ी[...]
गंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रविगंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
गंगा स्वर्ग से धरती पर आई, जन-जन की पातक नाशिनी गंगा। विष्णु के चरणों से निकली, शिव जटा निवासिनी गंगा।।[...]
डर-जैनेन्द्र प्रसाद रविडर-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
डर डर का दायरा बहुत बड़ा है, डर के आगे जीत खड़ा है। डर के मारे भयभीत जो होता, चैन[...]
मित्रता-जैनेन्द्र प्रसाद रविमित्रता-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मित्रता कृष्ण जैसा हो मित्र हमारा, दीन सुदामा को दिल हारा। प्रेम में पग कर जिसने अपने, बाल सखा को[...]
भारत महान-जैनेन्द्र प्रसाद रविभारत महान-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
भारत महान हमारा भारत देश महान है, हमें तिरंगे पर अभिमान है। उत्तर में है खड़ा हिमालय, घर-घर मंदिर और[...]
टीओबी है दर्पण-जैनेन्द्र प्रसाद रवि टीओबी है दर्पण-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
टीओबी है दर्पण शुक्रिया अदा करूं कैसे, कोई शब्द नहीं है पास मेरे। जिनसे न कभी कोई रिश्ता था, वे[...]
मां की ममता-जैनेन्द्र प्रसाद रविमां की ममता-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मां की ममता मां की ममता सबसे न्यारी, अपनी संतान पर दुनिया वारी। भूख नहीं पर हमें खिलाती, खिलौने देकर[...]
पिता की चाहत-जैनेन्द्र प्रसाद रविपिता की चाहत-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
पिता की चाहत जीवन का अभियान पिता का, बच्चे होते अरमान पिता का। तिनका तिनका जोड़ जुटाया, अपने सपनों का[...]
सर्दी- जैनेन्द्र प्रसाद रविसर्दी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
सर्दी चुपके-चुपके आती सर्दी, सबको बहुत सताती सर्दी। अमीरों को यह ख़ूब है भाती, गरीबों को यह बहुत सताती। आग[...]
