Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

Jainendra

साहस के दोहे-जैनेन्द्र प्रसाद रविसाहस के दोहे-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 11:37 am

साहस के दोहे चोट खाकर ही पत्थर मूर्त्ति बन पूजा जाता है। जो संकट से घबराता, वह कभी नहीं बढ़[...]

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तिरंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवितिरंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:48 am

तिरंगा वीरों की है शान तिरंगा, भारत की पहचान तिरंगा। जल में, थल में, नील गगन में, दुनिया कीआबाद चमन[...]

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खड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रविखड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:53 pm

खड़ी है तेरे द्वार बहना धागा रक्षा के बांधे तेरे हाथ बहना, राजा भैया तू हर युग में साथ रहना।[...]

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वर्षा रानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”वर्षा रानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

0 Comments 12:53 pm

  वर्षा रानी उमड़-घुमड़ कर बादल गरजे बूंदें गिरती आसमानी, पृथ्वी पर अपना प्यार लुटाने आती हैं वर्षा रानी। ग्रीष्म[...]

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समय-जैनेन्द्र प्रसाद रविसमय-जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 11:25 am

समय हवा शुद्ध है फिर भी हम, मास्क आज लगाते हैं। खाली सड़कें रहने पर भी, ड्राइव पर नहीं निकल[...]

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