साहस के दोहे चोट खाकर ही पत्थर मूर्त्ति बन पूजा जाता है। जो संकट से घबराता, वह कभी नहीं बढ़[...]
Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”
तिरंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवितिरंगा-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
तिरंगा वीरों की है शान तिरंगा, भारत की पहचान तिरंगा। जल में, थल में, नील गगन में, दुनिया कीआबाद चमन[...]
खड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रविखड़ी है तेरे द्वार बहना-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
खड़ी है तेरे द्वार बहना धागा रक्षा के बांधे तेरे हाथ बहना, राजा भैया तू हर युग में साथ रहना।[...]
वर्षा रानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”वर्षा रानी-जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”
वर्षा रानी उमड़-घुमड़ कर बादल गरजे बूंदें गिरती आसमानी, पृथ्वी पर अपना प्यार लुटाने आती हैं वर्षा रानी। ग्रीष्म[...]
समय-जैनेन्द्र प्रसाद रविसमय-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
समय हवा शुद्ध है फिर भी हम, मास्क आज लगाते हैं। खाली सड़कें रहने पर भी, ड्राइव पर नहीं निकल[...]
