टी.ओ.बी तेरा आभार बस सीखा था हमने चलना न थी मंजिल न आधार , “राह” दिखाया तुमने हमको टी.ओ.बी तेरा आभार। एक टुकड़ा कोरा कागज का एक लेखनी थी मेरे…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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