माँ की मैं क्या बात बताऊँ, माँ थीं बहुत ही प्यारी। मेरे तन मन सब में बसतीं, माँ मेरी थीं[...]
Tag: डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
दहेज -डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’दहेज -डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
माँ के भला कोख़ में क्यों मरती बेटियाँ, जन्म लेती नमक क्यों हैं चखती बेटियाँ। समाज के दरिंदों तुम आवाज़[...]
श्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्याश्रमोत्सव- डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
विश्व के धड़कन को तुम भी देख लो, झाँक कर हृदय पटल में कर नमन, श्रम की शक्ति को चलो[...]
ॐ ब्रम्ह का स्वरूप – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्याॐ ब्रम्ह का स्वरूप – डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या
संगीत प्रकृति का ॐ सुनो, अनहद का यह नाद सुनो। खुद में खुद के होने का भी, सुर सुंदर ओंकार[...]
सुंदर सूभग विहान-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘सुंदर सूभग विहान-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘
सुंदर सूभग विहान हे रवि आ जाओ तुम नभ में, जीवन में मकर प्रयाण लिए। ठंड की वेला से मुक्ति[...]
मधुमय देश बनाना है-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्यामधुमय देश बनाना है-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मधुमय देश बनाना है सुरभित सुंदर संस्कार का अद्भुत देश हमारा है, भगत सिंह गाँधी सुभाष संग हमने भी दिल[...]
वीर जवान सरहद पर जाते-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘वीर जवान सरहद पर जाते-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या ‘
वीर जवान सरहद पर जाते तन मन जगमग हो जाता है, नमन कोटिशः सब मिल गाते। मातृभूमि पर मर मिटने[...]
टिशू पेपर-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’टिशू पेपर-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
मैं टिशू पेपर मैं! टिशू पेपर! सभ्यता की पहचान सौम्य सॉफ्ट आन-बान शान, हाथों से अधरों, गालों तक, जाने कहाँ-कहाँ[...]
कर्मवीर-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’कर्मवीर-डॉ स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’
कर्मवीर जीवन कब शोक मनाता है, कर्मवीर भी मारा जाता है। उठकर प्यारे अब धीर धरो, संघर्ष से क्यों घबराता[...]
खाना पचता पेट मेंं-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्याखाना पचता पेट मेंं-डॉ. स्नेहलता द्विवेदी आर्या
खाना पचता पेट में खूब चबाओ मुँह हिलाओ, सन जाये अब लार में। पाचन शुरू कराए टाईलिन , गले के[...]
