दीप जलाओ रे! दीप जलाओ रे! ढोलक बजाओ रे ! गीत कोई गाओ रे ! शुभता, मंगल का, गीत गुनगुनाओ रे ! दीप जलाओ रे ! दीप जलाओ रे…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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