Tag: देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

सदाचार-देव कांत मिश्र दिव्यसदाचार-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 7:51 am

सदाचार   सदाचार का गुण अपनाएँ सच्ची पूँजी इसे बतलाएँ। अमित तोष आनंद बढ़ेगा जीवन मधुरिम और दिखेगा।। अमिय समान बहुत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

खुशहाल रहेगा देश हमारा-देव कांत मिश्र दिव्यखुशहाल रहेगा देश हमारा-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 12:27 pm

खुशहाल रहेगा देश हमारा जब स्वस्थ होगा विचार हमारा पुष्पित होगा घर परिवार हमारा तब खुशहाल रहेगा, देश हमारा। जब[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

विनती सुन लो-देव कांत मिश्र दिव्यविनती सुन लो-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 1:54 pm

विनती सुन लो विनती सुन लो हे करतार आया हूँ मैं तेरे द्वार। सपना मेरा हो साकार विद्या का भर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हे सृजनहार सुन लो पुकार-देव कांत मिश्र दिव्यहे सृजनहार सुन लो पुकार-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 4:27 pm

हे सृजनहार सुन ले पुकार हे सृजनहार ! मेरी सुन ले पुकार हिय में बहे सदा प्रेम की बयार।। निर्मल[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

हिंदी सबकी शान-देव कांत मिश्र दिव्यहिंदी सबकी शान-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 10:06 am

हिन्दी सबकी शान  हिन्दी सबकी शान है, सभी करें सम्मान। भाषा है प्यारी सुघड़, सरल सुगम गुण खान।। कवि भूषण[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जिंदगी-देव कांत मिश्र दिव्यजिंदगी-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 9:37 am

ज़िन्दगी  छोटी-सी ज़िन्दगी को यूँ न गवाँना है। इसे नित नई खुशियों से सजाना है।। ज़िन्दगी में आएँगे कभी खुशी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

वीर सपूत-देव कांत मिश्र दिव्यवीर सपूत-देव कांत मिश्र दिव्य

0 Comments 12:12 pm

वीर सपूत  मातृ भूमि का सच्चा सेवक वीर सपूत कहलाता। पर्वत, नदियांँ व देख समन्दर कभी नहीं घबराता।। जब तक[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

सच्चा मित्र-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’सच्चा मित्र-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:10 pm

सच्चा मित्र कौन है वो सच्चा मित्र इसे आज मैं सबको बताऊँ। अपने अन्तर्मन के भाव को सच्चे मन से[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मानव जीवन-देव कांत मिश्रमानव जीवन-देव कांत मिश्र

0 Comments 12:03 pm

मानव जीवन मानव जीवन बड़ा धन्य है इसे हम बताते चलें। अपने सत्कर्मों से नित इसे हम सजाते चलें।। देखो![...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें