सदाचार सदाचार का गुण अपनाएँ सच्ची पूँजी इसे बतलाएँ। अमित तोष आनंद बढ़ेगा जीवन मधुरिम और दिखेगा।। अमिय समान बहुत[...]
Tag: देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
खुशहाल रहेगा देश हमारा-देव कांत मिश्र दिव्यखुशहाल रहेगा देश हमारा-देव कांत मिश्र दिव्य
खुशहाल रहेगा देश हमारा जब स्वस्थ होगा विचार हमारा पुष्पित होगा घर परिवार हमारा तब खुशहाल रहेगा, देश हमारा। जब[...]
विनती सुन लो-देव कांत मिश्र दिव्यविनती सुन लो-देव कांत मिश्र दिव्य
विनती सुन लो विनती सुन लो हे करतार आया हूँ मैं तेरे द्वार। सपना मेरा हो साकार विद्या का भर[...]
हे सृजनहार सुन लो पुकार-देव कांत मिश्र दिव्यहे सृजनहार सुन लो पुकार-देव कांत मिश्र दिव्य
हे सृजनहार सुन ले पुकार हे सृजनहार ! मेरी सुन ले पुकार हिय में बहे सदा प्रेम की बयार।। निर्मल[...]
हिंदी सबकी शान-देव कांत मिश्र दिव्यहिंदी सबकी शान-देव कांत मिश्र दिव्य
हिन्दी सबकी शान हिन्दी सबकी शान है, सभी करें सम्मान। भाषा है प्यारी सुघड़, सरल सुगम गुण खान।। कवि भूषण[...]
जिंदगी-देव कांत मिश्र दिव्यजिंदगी-देव कांत मिश्र दिव्य
ज़िन्दगी छोटी-सी ज़िन्दगी को यूँ न गवाँना है। इसे नित नई खुशियों से सजाना है।। ज़िन्दगी में आएँगे कभी खुशी[...]
वीर सपूत-देव कांत मिश्र दिव्यवीर सपूत-देव कांत मिश्र दिव्य
वीर सपूत मातृ भूमि का सच्चा सेवक वीर सपूत कहलाता। पर्वत, नदियांँ व देख समन्दर कभी नहीं घबराता।। जब तक[...]
सच्चा मित्र-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’सच्चा मित्र-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
सच्चा मित्र कौन है वो सच्चा मित्र इसे आज मैं सबको बताऊँ। अपने अन्तर्मन के भाव को सच्चे मन से[...]
मानव जीवन-देव कांत मिश्रमानव जीवन-देव कांत मिश्र
मानव जीवन मानव जीवन बड़ा धन्य है इसे हम बताते चलें। अपने सत्कर्मों से नित इसे हम सजाते चलें।। देखो![...]
