Tag: दोहे – राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

संसार- दोहे – राम किशोर पाठकसंसार- दोहे – राम किशोर पाठक

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संसार- दोहे जैसी मन की भावना, वैसा ही संसार। अपने-अपने कर्म की, झेल रहे सब मार।।०१।। दुख को जो है[...]

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Ram Kishore Pathak

दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक

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दोहे सोमेश्वर सबके सखा, सहज सुलभ संसार। संकटमोचक सम सदा, सकट सतत संहार।। भ्रमित भँवर भव-भय भुवन, भजन भाव भगवंत।[...]

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