नशा बीड़ी, सिगरेट नहीं तुम पीना न खाना तुम गुटका, कसम खाओ नहीं करोगे किसी तरह का नशा। अगर कोई तुमको उकसाए नहीं मानना बात, झटसे उसको कह देना नहीं…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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