नादान बच्चा दिल तो बच्चा है नादान है सच्चा है मूरत मिट्टी का कच्चा है सभी को समझता अच्छा है। न इर्ष्या न द्वेष है न रखता किसी से क्लेश…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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