पधारो हे वीर महान भूमंडल पर अवतरित हुआ था, एक अद्भुत इंसान महान, जिनका न था कोई ठिकान, गुणों के जो थे खान, त्याग तपस्या संयम की प्रतिमूर्ति, सोच जिनकी…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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