मकरसंक्रांति देखो-देखो आया मकरसंक्रांति का त्योहार, जन-जन में छाया देखो खुशियाँ अपार। घर-आँगन बुहारे मिलकर नर-नार, सूर्य अराधन को देखो बच्चे भी हैं तैयार। सूर्य देव तो हैं हमारे जीवन…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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