मेरा पूरा हिंदुस्तान मेरा देश मेरा अभिमान और मेरा है भगवान अटक से कटक और कन्या से हिमालय मेरा पूरा हिंदुस्तान भूल अब अपनी सुधारेंगे हम पी.ओ.के, अक्साई ले लेंगे…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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