मेरे पिता मेरे भगवान मेरे पिता जिन्होने मुझे सुंदर सा संसार दिया आनंद खुशी और रंग-बिरंगे जैसे उपहार दिया आंखों के तारे कह मेरे जीवन को सवांर दिया सोना-चांदी…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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