मौसम – राम किशोर पाठक

मौसम – रास छंद गीत२२२२,२२२२,२११२ मौसम भाए, ऋतुपति आए, प्रीत गहे।खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।। कुसुम खिले हैं, गंध मिले हैं, होश हरे।मीत बुलाए, प्रीत जगाए, जोश भरे।।संग गंध…

मौसम-अनुज वर्मा

मौसम लो मौसम ने ली अंगड़ाई एक के बाद दूसरी है आई l हम सब हैं भारतवासी, चारों मौसम के हैं आदि l जब नव वर्ष ने सौगात लाई, जाड़े…