आपका ब्राउज़र Text-to-Speech सपोर्ट नहीं करता।
मौसम – रास छंद गीत
२२२२,२२२२,२११२
मौसम भाए, ऋतुपति आए, प्रीत गहे।
खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।।
कुसुम खिले हैं, गंध मिले हैं, होश हरे।
मीत बुलाए, प्रीत जगाए, जोश भरे।।
संग गंध ले, नव उमंग ले, पवन बहे।
खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।।०१।।
धानी चुनरिया, लेके गुजरिया, मनहर सी।
चहके डगरिया, गाँव- नगरिया, अल्हड़ सी।।
शोख नयन से, पुलकित मन से, तंज सहे।
खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।।०२।।
अली तितलियाँ, सुमन व कलियाँ, चहक उठी।
मोर पपीहा, सबकी ईहा, बहक उठी।।
अधर खिलें हैं, हृदय मिले हैं, नैन कहे।
खुशी मनाते, सब इठलाते, झूम रहे।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978

