हिंदी, सुर वाणी की जाया- किशोर छंद सुर वाणी की जाया कहिए, हिंदी को। भूल रहे सब क्यों है गहिए,[...]
Tag: राम किशोर पाठक
विनायक से विनयविनायक से विनय
विनायक से विनय- गीत हे गणनायक गौरी नंदन, होकर व्यथित पुकारे। हे विघ्नेश्वर! कृपा करो अब, हर लो क्लेश हमारे।।[...]
जानकी नवमी – राम किशोर पाठकजानकी नवमी – राम किशोर पाठक
जनक के राज्य में ऐसा भयंकर ग्रीष्म आया था। सरोवर, खेत सूखे थें, नहीं कोई हल चलाया था।। किया था[...]
हस्त प्रक्षालनम्- राम किशोर पाठकहस्त प्रक्षालनम्- राम किशोर पाठक
हस्त प्रक्षालनम्, हस्त प्रक्षालनम्! फेनकम्, घर्षणम्, हस्तौ घर्षणम्। हस्तयो: पृष्टाभ्याम् घर्षणम्।। अंगुल ग्रास घर्षणम्। जलेन सर्व प्रक्षालनम्! हस्त प्रक्षालनम्! पूर्वे[...]
विश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठकविश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी सूर्य, चंद्र ग्रह सारे, चलें श्रम के सहारे, यदि श्रम को बिसारे, कष्ट भरमार है। सृष्टि का आधार[...]
सबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठकसबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठक
विधा: गीतिका भटके को राह दिखाएँ हम, सबको गले लगाएँ हम। कलुष भाव के घोर तिमिर में, प्रेम-पुंज फैलाएँ हम।।[...]
परशुराम जयंती- राम किशोर पाठकपरशुराम जयंती- राम किशोर पाठक
दोहा छंद चार सनातन युग शुभद, करते ग्रंथ बखान। कालखंड सबके अलग, करे सभी गुणगान।।०१।। सतयुग का प्रस्थान था, त्रेतायुग[...]
अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठकअंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी आमोद प्रमोद संग, मन में भरे उमंग, आह्लाद विनोद रंग, नृत्य कर लीजिए। तन मन झूम उठे, आलस्य[...]
धरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठकधरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठक
धरा विचार – मुक्तामणि छंद धरती कहती प्रेम से, सुनें प्यार से बातें। भूल अगर करते नहीं, आज नहीं पछताते।।[...]
विश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठकविश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी कार्यस्थल पर कहीं, दुर्घटना घटे नहीं, स्वास्थ्य सदा रहे सही, ध्यान यह धारिए। सभी जो है कर्मचारी, राष्ट्रहित[...]
