Tag: राम किशोर पाठक

Ram Kishor Pathak

हिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठकहिंदी: सुर वाणी की जाया- राम किशोर पाठक

0 Comments 10:47 pm

हिंदी, सुर वाणी की जाया- किशोर छंद सुर वाणी की जाया कहिए, हिंदी को। भूल रहे सब क्यों है गहिए,[...]

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जानकी नवमी – राम किशोर पाठकजानकी नवमी – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:25 am

जनक के राज्य में ऐसा भयंकर ग्रीष्म आया था। सरोवर, खेत सूखे थें, नहीं कोई हल चलाया था।। किया था[...]

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हस्त प्रक्षालनम्- राम किशोर पाठकहस्त प्रक्षालनम्- राम किशोर पाठक

0 Comments 6:08 pm

हस्त प्रक्षालनम्, हस्त प्रक्षालनम्! फेनकम्, घर्षणम्, हस्तौ घर्षणम्। हस्तयो: पृष्टाभ्याम् घर्षणम्।। अंगुल ग्रास घर्षणम्। जलेन सर्व प्रक्षालनम्! हस्त प्रक्षालनम्! पूर्वे[...]

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विश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठकविश्व श्रमिक दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:12 pm

मनहरण घनाक्षरी सूर्य, चंद्र ग्रह सारे, चलें श्रम के सहारे, यदि श्रम को बिसारे, कष्ट भरमार है। सृष्टि का आधार[...]

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सबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठकसबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:54 pm

विधा: गीतिका भटके को राह दिखाएँ हम, सबको गले लगाएँ हम। कलुष भाव के घोर तिमिर में, प्रेम-पुंज फैलाएँ हम।।[...]

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परशुराम जयंती- राम किशोर पाठकपरशुराम जयंती- राम किशोर पाठक

0 Comments 7:17 pm

दोहा छंद चार सनातन युग शुभद, करते ग्रंथ बखान। कालखंड सबके अलग, करे सभी गुणगान।।०१।। सतयुग का प्रस्थान था, त्रेतायुग[...]

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अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठकअंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:15 pm

मनहरण घनाक्षरी आमोद प्रमोद संग, मन में भरे उमंग, आह्लाद विनोद रंग, नृत्य कर लीजिए। तन मन झूम उठे, आलस्य[...]

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धरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठकधरा विचार – मुक्तामणि छंद – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:05 pm

धरा विचार – मुक्तामणि छंद धरती कहती प्रेम से, सुनें प्यार से बातें। भूल अगर करते नहीं, आज नहीं पछताते।।[...]

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विश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठकविश्व कार्यस्थल सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:00 pm

मनहरण घनाक्षरी कार्यस्थल पर कहीं, दुर्घटना घटे नहीं, स्वास्थ्य सदा रहे सही, ध्यान यह धारिए। सभी जो है कर्मचारी, राष्ट्रहित[...]

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