Tag: राम किशोर पाठक

आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक

0 Comments 12:18 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]

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पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठकपृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:53 pm

विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।।[...]

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पिता – राम किशोर पाठकपिता – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:48 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद सबका बोझ उठाना, करना नहीं बहाना। अपना दर्द छुपाना, हर पल ही मुस्काना।। सबका शौक पुराना, उफ्फ[...]

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बदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठकबदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:44 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद शिक्षक सभी हमारे, बदलें बिहार आओ। शिक्षा दीप जलाओ, ज्ञान पुंज फैलाओ।। प्रण यह करने आओ, औरों[...]

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बाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठकबाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:16 pm

पेंसिल की है बात निराली, चलती है यह काली काली। अब तो रंग बिरंगी है आती, बच्चों का मन खूब[...]

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जीने का अधिकार – राम किशोर पाठकजीने का अधिकार – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:01 pm

छंद – दोहा जीने का अधिकार है, सबको एक समान। जीव-जंतु सबका करें, रक्षा बन बलवान।।१।। रखिए हरपल हीं यहॉं,[...]

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दर्पण- राम किशोर पाठकदर्पण- राम किशोर पाठक

0 Comments 6:36 pm

छंद – दोहा किरणें आती जो रही, लौटाती उस ओर। सतह परावर्तक सदा, कहलाती वह छोर।। सतह परावर्तन करे, दर्पण[...]

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मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक मर्यादा की रास में – राम किशोर पाठक 

0 Comments 6:19 pm

दोहा छंद मर्यादा की रास में, पंचवटी में राम। शूर्पणखा आकर वहॉं, देख रही अविराम।।१।। सूरत मोहित कर गया, जगी[...]

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विश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठकविश्व विरासत दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 6:47 pm

मनहरण घनाक्षरी सभ्यता का इतिहास, मिले जानकारी खास, करे विश्व एहसास, धरोहर पाइए। अठारह अप्रैल को, संस्कृति संरक्षण को, भूतल[...]

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शिक्षक हूॅं बिहार का – राम किशोर पाठकशिक्षक हूॅं बिहार का – राम किशोर पाठक

0 Comments 5:51 pm

शिक्षक हूॅं बिहार का, ज्ञान के विस्तार का। बच्चों का भविष्य मैं, मार्ग हूॅं संसार का।। अलख जगाता रहता, सबमें[...]

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