Tag: राम किशोर पाठक

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मानव-जीवन और सत्संग – राम किशोर पाठकमानव-जीवन और सत्संग – राम किशोर पाठक

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विधा ➖ धत्तानन्द छन्द (११/७/१३) १. जीवन यह अनमोल, भजिए राम, कृपालु है वही सब पर। भाव-भक्ति से बोल, सीता[...]

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शिवरात्रि है – राम किशोर पाठकशिवरात्रि है – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:17 pm

छंद – घनाक्षरी शिव शंकर की भक्ति, श्रद्धा भाव यथाशक्ति, मिटाती यह आसक्ति, बनें दया-पात्र हैं। मनाएँ हर माह में,[...]

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दोहा विधान – राम किशोर पाठकदोहा विधान – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:35 pm

आओं हम सीखा रहे, दोहा लिखना खास। सरल तरीका है यही, करना है अभ्यास।।०१।। जान रहा हूँ मैं यहाँ, ज्ञान[...]

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कुँवर सिंह – राम किशोर पाठककुँवर सिंह – राम किशोर पाठक

0 Comments 12:59 pm

मनहरण घनाक्षरी मृगराज सी हुँकार, चमकती तलवार, अंग्रेजों को ललकार, किए जो कमाल थे। उम्र अस्सी किए पार, यौवन सी[...]

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आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक

0 Comments 12:18 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]

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पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठकपृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:53 pm

विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।।[...]

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पिता – राम किशोर पाठकपिता – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:48 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद सबका बोझ उठाना, करना नहीं बहाना। अपना दर्द छुपाना, हर पल ही मुस्काना।। सबका शौक पुराना, उफ्फ[...]

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बदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठकबदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:44 pm

द्विगुणित सुंदरी छंद शिक्षक सभी हमारे, बदलें बिहार आओ। शिक्षा दीप जलाओ, ज्ञान पुंज फैलाओ।। प्रण यह करने आओ, औरों[...]

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बाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठकबाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:16 pm

पेंसिल की है बात निराली, चलती है यह काली काली। अब तो रंग बिरंगी है आती, बच्चों का मन खूब[...]

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जीने का अधिकार – राम किशोर पाठकजीने का अधिकार – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:01 pm

छंद – दोहा जीने का अधिकार है, सबको एक समान। जीव-जंतु सबका करें, रक्षा बन बलवान।।१।। रखिए हरपल हीं यहॉं,[...]

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