विधा ➖ धत्तानन्द छन्द (११/७/१३) १. जीवन यह अनमोल, भजिए राम, कृपालु है वही सब पर। भाव-भक्ति से बोल, सीता[...]
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शिवरात्रि है – राम किशोर पाठकशिवरात्रि है – राम किशोर पाठक
छंद – घनाक्षरी शिव शंकर की भक्ति, श्रद्धा भाव यथाशक्ति, मिटाती यह आसक्ति, बनें दया-पात्र हैं। मनाएँ हर माह में,[...]
दोहा विधान – राम किशोर पाठकदोहा विधान – राम किशोर पाठक
आओं हम सीखा रहे, दोहा लिखना खास। सरल तरीका है यही, करना है अभ्यास।।०१।। जान रहा हूँ मैं यहाँ, ज्ञान[...]
कुँवर सिंह – राम किशोर पाठककुँवर सिंह – राम किशोर पाठक
मनहरण घनाक्षरी मृगराज सी हुँकार, चमकती तलवार, अंग्रेजों को ललकार, किए जो कमाल थे। उम्र अस्सी किए पार, यौवन सी[...]
आओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठकआओं हम सिखलाएं – राम किशोर पाठक
द्विगुणित सुंदरी छंद आओं दीप जलाएं, सबको राह दिखाएं। सच करना सपनों को, आओं हम सिखलाएं।। देखो अनपढ़ कोई, भूल[...]
पृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठकपृथ्वी दिवस – राम किशोर पाठक
विषय – पृथ्वी दिवस छंद – कुण्डलिया पृथ्वी दिवस मनाइए, करिए सदा विचार। फैल रहे प्रदूषण का, करना कम रफ्तार।।[...]
पिता – राम किशोर पाठकपिता – राम किशोर पाठक
द्विगुणित सुंदरी छंद सबका बोझ उठाना, करना नहीं बहाना। अपना दर्द छुपाना, हर पल ही मुस्काना।। सबका शौक पुराना, उफ्फ[...]
बदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठकबदलें बिहार आओ – राम किशोर पाठक
द्विगुणित सुंदरी छंद शिक्षक सभी हमारे, बदलें बिहार आओ। शिक्षा दीप जलाओ, ज्ञान पुंज फैलाओ।। प्रण यह करने आओ, औरों[...]
बाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठकबाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठक
पेंसिल की है बात निराली, चलती है यह काली काली। अब तो रंग बिरंगी है आती, बच्चों का मन खूब[...]
जीने का अधिकार – राम किशोर पाठकजीने का अधिकार – राम किशोर पाठक
छंद – दोहा जीने का अधिकार है, सबको एक समान। जीव-जंतु सबका करें, रक्षा बन बलवान।।१।। रखिए हरपल हीं यहॉं,[...]
