प्रवेशोत्सव कुदरत की सबसे सुंदर रचना बच्चों आप ही हो, जग में सबसे सच्चे, निश्छल बच्चों आप ही हो।। प्रकृति की इस अनुपम कृति को, मैला न होने दो, बाबु…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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