विद्यालयस्य गीतं अस्ति सुंदरं मनभावनम् पवित्र पावनम्। उत्क्रमित मध्य विद्यालय अजगरवा पूर्व प्राँगनम्।। विनयशीलं शिक्षा प्रदाता गुरुजना:। मृदुभाषिणि विद्यादात्री गुरुमातर:।। शीलं अनुशासनं उच्च कोटिकम्। सुंदरं चरित्र विकसितं यस्य प्राँगणम्।। अस्ति…
SHARE WITH US
Share Your Story on
स्वरचित कविता का प्रकाशन
Recent Post
- उड़ी वासंती खुशबू -आशीष अम्बर
- जैनेंद्र प्रसाद रवि -बसंत का आगमन
- होली आई -ब्यूटी कुमारी
- कुत्ते पाल रहे-नीतू रानी
- होली का रंग-कार्तिक कुमार
- बसंत का आगमन -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
- फाग में महका है हर अंग– राम किशोर पाठक
- तुम चलो तो सही-अमृता कुमारी
- देखो आयी होली – आयी होली- श्री रवि कुमार
- फाग-राम किशोर पाठक