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Jyoti

हमें उड़ने दो-ज्योति कुमारीहमें उड़ने दो-ज्योति कुमारी

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हमें उड़ने दो हमारे पंख हौसलों से हैं,  हमारी उड़ान क्षितिज तक, जहां ज़मीं और आसमां मिलते हैं। हम बच्चे[...]

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