हम शान्ति के दूत हम शांति के दूत बनें परम पिता के हम संतान। प्रेम फैलाए एकता बढ़ाएँ, करें जन जन का कल्याण।। दुखियों की सदा सेवा करें, उनका करे…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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