ॠतुराज वसंत शिशिर गये मधुमास आये बहने लगी वासंती बयार, मौसम अब तो हुआ सुहावना चमन में खिले कलियाँ हजार। विद्या की देवी सरस्वती माता वसंत पंचमी को आती है,…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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