गांधारी का विलाप महाभारत का हुआ था अंत ; मचा था हाहाकार दिग्दिगंत । रण-भूमि में बिखरी थीं लाशें ; देखकर थम जाती थीं सांसे । कहीं पड़े थे…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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