ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

ईश्वर से कुछ सवाल – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’   पूर्व प्रभात बेला में बड़ी दुखद खबर मिली कि दर्वे ग्राम के प्रधान शिक्षक अशोक कुमार मेरे प्रिय शिष्य का…

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान

कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान सुधीर छोड़ते निशान हैं। भारतीय लोग हैं विचारवान पुण्यवान, देश में यहाॅं-वहाॅं नई-नई उड़ान हैं। देश में विदेश में जहाॅं मिले विशेष ज्ञान,…

चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता

चित्राधारित सृजन करता मैं रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ छंद विधाता यहाॅं कुछ लोग हैं दिखते, सुवासित कर रहे जग को। कटीली झाड़ियों में से, निकाले थे कभी मग को।। अभावों…

सजनी अपने आप से रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

सजनी अपने आप से –  रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ ट्रेन सवारी करके सजनी, देख रही रस्ते भर सपने। आस-पास की सुंदरता भी, कभी नहीं लगती है अपने।। पिया मिलन की…

वंदनवार सजे शारदा – कुंडलिया छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

पेड़ लगा मां के नाम से, होंगे जग में नाम। उनके ही नेपथ्य में, पाना चिर विश्राम।। पाना चिर विश्राम, जगत में स्वर्ग मिलेगा। श्रम सुंदर तालाब के, पंक में…